कृषि/ बागवानी (Page 2)

किसान प्राकृतिक तरीके से यूँ करें गेहूं की फसल का उपचार..

“मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजद़ूर जीवन सुरक्षा योजना’’ का लाभ उठाएं किसान

रीना ठाकुर/शिमला: किसानों के कल्याण के लिए इस वर्ष भी “मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना” जारी रहेगी। इस योजना की जानकारी देते हुए कृषि निदेशक डॉ. राजेन्द्र कुमार वर्मा...

“स्कैब” रोग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में किसानों एवं बागवानों को बागवानी विभाग की सलाह....

“स्कैब” रोग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में किसानों एवं बागवानों को बागवानी विभाग की सलाह….

रीना ठाकुर/शिमला: प्रदेश के कुछ सेब उत्पादक क्षेत्रों में स्कैब रोग के लक्षण पाए जाने के बाद बागवानी विभाग ने इस परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि...

मौसम का बदलता मिज़ाज सेब बागीचों में कीट-माईट व रोग बढ़ाने में सहायक : बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. भारद्वाज

मौसम का बदलता मिज़ाज सेब बागीचों में कीट-माईट व रोग बढ़ाने में सहायक : बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. भारद्वाज

तापमान में कमी फलों के सामान्य विकास पर प्रभाव पिछले कुछ दिनों से मई के महीने में पहाड़ी स्थानों पर ठण्ड का प्रकोप गर्मी के महीने में देखने को मिल रहा है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व अन्य में...

पालमपुर : सीएसआईआर-आईएचबीटी ने मनाया गया “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस”

पालमपुर : सीएसआईआर-आईएचबीटी में मनाया गया “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस”

राज्य के 3 जिलों से करीब 400 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रौद्यागिकी दिवस में लिया हिस्सा प्रश्नपरिपूर्ण मस्तिष्क प्रौद्योगिक नवाचार की नीव है: डॉ. संजय कुमार पालमपुर : सीएसआईआर- हिमालय...

इस प्रकार से करें सेब की बागवानी

इस प्रकार से करें सेब बागवानी

डण्ठल के साथ ही तोड़ने चाहिए सेब सेब का मूल स्थान हिमाचल व दक्षिण-पूर्व एशिया है। भारत में सेब का उत्पादन हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब व जम्मू-कश्मीर में होता है। सेब का पेड़ 35 फुट तक ऊंचा...

मृकुला-प्राचीन मन्दिर बौद्ध तांत्रिक देवी वज्रवराह को समर्पित रहा है

सातवीं शताब्दी से लाहौल-स्पीति के उदयपुर गांव में बसा “मृकुला देवी मंदिर”

“मृकुला मंदिर” में कलकत्ते वाली मां काली हुई थीं अवतरित कश्मीरी कन्नौज शैली में बना है माँ मृकुला का मंदिर मंदिर में लकड़ी की दीवारों पर एक ओर महाभारत के दृश्य, दूसरी तरफ रामायण के प्रसंग...

बागीचों में फूल जितना आकर्षक व लम्बी अवधि तक खिला रहेगा, फल बनने की संभावना होगी अधिक: डॉ. भारद्वाज

बागीचों में फूल जितनी लम्बी अवधि तक खिला रहेगा, फल बनने की संभावना होगी उतनी ही अधिक: डॉ. भारद्वाज

तापमान में कमी की वजह से पौध रस की प्रक्रिया सामान्य समय से 15-20 दिन देरी से शुरू फलों के सफल उत्पादन व गुणवत्ता के लिए मधुमक्खियों का महत्व सर्वोपरि लम्बे वर्षों के अन्तराल के पश्चात मध्य...