कृषि/ बागवानी

हल्दी की उन्नत काश्त पद्धति से खेती

हल्दी की उन्नत पद्धति से खेती कर कमाएं आर्थिक लाभ

हल्दी की उन्नत काश्त पद्धति से खेती: रश्मि गौरहा हल्दी एक महत्वपूर्ण मसाले वाली फसल है जिसका उपयोग औषधि से लेकर अनेकों कार्यो में किया जाता है। इसके गुणों का जितना भी बखान किया जाए थोड़ा ही...

“स्ट्रॉबेरी की खेती”….

“स्ट्रॉबेरी की खेती”….

हिमाचल में स्ट्रॉबेरी उत्पादन की अपार संभावनाएं…. हिमाचल में बागवान स्ट्राबेरी की मिश्रित खेती कर कमा सकते हैं अतिरिक्त लाभ हिमाचल में बागवानों द्वारा पिछले कुछ वर्षों से स्ट्राबेरी की...

दूसरी फसलों के साथ अनार की खेती आमदनी का बेहतर जरिया

दूसरी फसलों के साथ “अनार की खेती” आमदनी का बेहतर जरिया

कुल्लू जिला हिमाचल प्रदेश में अनार का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र अनार के पौधों में बेहद कम प्रूनिंग की आवश्यकता अनार के पौधे लगाकर सालों साल की जा सकती है बेहतर कमाई हिमाचल कृषि-बागवानी...

स्वेच्छा से न बनाएं दो फफूंदनाशकों या माईट नाशकों का मिश्रण, स्वीकृत कीट-माईट-रोगनाशक तथा उर्वरकों का उचित मात्रा में करें प्रयोग : बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. भारद्वाज

स्वेच्छा से न बनाएं दो फफूंदनाशकों या माईट नाशकों का मिश्रण, स्वीकृत कीट-माईट-रोगनाशक तथा उर्वरकों का उचित मात्रा में करें प्रयोग : बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. भारद्वाज

यह सर्वविदित है कि कृषि-बागवानी में मौसम का अत्याधिक महत्व है। मौसम की बदलती परिस्थितियों में बागवानों को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता है और हर वर्ष बदलते मौसम के परिदृष्य में बहुधा नवीन...

अगले वित्त वर्ष में 96,855 क्विंटल गेहूं बीज उत्पादित करने का लक्ष्य : डाॅ. नरेश कुमार

अगले वित्त वर्ष में 96,855 क्विंटल गेहूं बीज उत्पादित करने का लक्ष्य : डाॅ. नरेश कुमार

शिमला: कृषि विभाग के निदेशक डाॅ. नरेश कुमार ने आज यहां बताया कि विभाग खाद्यान्नों इत्यादि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है। विभाग द्वारा...

हिमाचल: औषधीय पौधों की खेती में अपार संभावनाएं

आर्थिकी मजबूत करने के लिए औषधीय पौधों की खेती में अपार संभावनाएं

हिमाचल: आर्थिकी मजबूत करने के लिए औषधीय पौधों की खेती में अपार संभावनाएं प्रदेश के किसानों और बागवानों को औषधीय पौधों की खेती के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे न केवल उनकी आर्थिकी...