हिमाचल आर्थिकी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पेश किया 49,131 करोड़ रूपये का बजट...मुख्य बिंदु

हिमाचल बजट के मुख्य बिंदु:-

शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज  हिमाचल विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 का 49,131 करोड़ रूपये का बजट पेश किया।  …मुख्य बिंदु:- प्रदेश के सम्पूर्ण राज्य दर्जा प्राप्त करने के 50वें वर्ष1 को...

हिमाचल के गुज्जर चरवाहे......

हिमाचल के गुज्जर चरवाहे……

गुज्जरों का पशुधन भैंसे गुज्जरों का पशुधन भैंसे होती हैं ठीक वैसे ही जैसे गद्दियों की भेड़ें होती हैं। पहाड़ी ढलानों पर पशु चराते हैं और उनका दूध-घी बेचकर गुजारा करते हैं। गर्मियों में...

शिमला: प्रशिक्षण शिविर में दी बागवानों को पौधों की कांट-छांट एवं उच्च घनत्व सेब बागान लगाने की जानकारी

शिमला: प्रशिक्षण शिविर में दी बागवानों को पौधों की कांट-छांट एवं उच्च घनत्व सेब बागान लगाने की जानकारी

शिमला: शिमला जिला के जुब्बल में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती पर चल रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। शिविर के अंतिम दिन मास्टर ट्रेनर पंकज नेगी ने प्रदेशभर से आए बागवानों को...

पौंग जलाशय से मिला 2800 मछुआरों को रोजगार, वर्ष 2019-20 में 266 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई मछली की बिक्री

पौंग जलाशय से मिला 2800 मछुआरों को रोजगार, वर्ष 2019-20 में 266 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई मछली की बिक्री

वर्ष 1975 में था 98 टन मछली उत्पादन, जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर हुआ 287.513 टन ठाकुर रीना राणा/शिमला: प्रदेश सरकार कांगड़ा जिला की शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बने पौंग बांध जलाशय के माध्यम से लगभग 2800 मछुआरों...

"बुनाई" प्राचीन कला व परम्परा

हिमाचल: बांस की छड़ें, पेड़ों की टहनियां, घास, खजूर के पत्तों की “बुनाई” में ग्रामीण लोगों की अद्भुत कला

“बुनाई” प्राचीन कला व परम्परा बांस की छड़ें, पेड़ों की टहनियां, घास, खजूर के पत्ते बुनने में प्रयोग बुनने में आज भी ग्रामीण लोगों की अद्भुत कला आज का युग आधुनिकता युग भले ही हो लेकिन आज भी...

हिमाचल के वनस्पतिक पेड़-पौधे, इनकी विविधता व उपयोगिता, लोगों ने परम्परा से खोज निकाले इनके उपयोग के तरीके

हिमाचल के वनस्पतिक पेड़-पौधों की विविधता व उपयोगिता…

औषधीय गुणों से भरपूर है हिमाचल की वनस्पतियां बेशकीमती जड़ी-बूटियों को अपने आंचल में समेटे हिमाचल हिमाचल में उगने वाले जंगली वृक्षों में विविधता है। यहां फलदार वृक्ष व औषधि में प्रयोग में...

हिमाचल के जन-जातीय क्षेत्रों के निवासियों का प्राचीन व्यवसाय भेड़ पालन

हिमाचल: जन-जातीय क्षेत्रों के लोगों का प्राचीन व्यवसाय “भेड़ पालन”

प्रदेश की आर्थिकी में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका हिमाचल के लोगों के आर्थिक जीवन में पशुओं का अति महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि वे कृषि में ही सहायक नहीं बल्कि अन्य हर प्रकार से लोगों के...