हिमाचल आर्थिकी

पौंग जलाशय से मिला 2800 मछुआरों को रोजगार, वर्ष 2019-20 में 266 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई मछली की बिक्री

पौंग जलाशय से मिला 2800 मछुआरों को रोजगार, वर्ष 2019-20 में 266 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई मछली की बिक्री

वर्ष 1975 में था 98 टन मछली उत्पादन, जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर हुआ 287.513 टन ठाकुर रीना राणा/शिमला: प्रदेश सरकार कांगड़ा जिला की शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बने पौंग बांध जलाशय के माध्यम से लगभग 2800 मछुआरों...

"बुनाई" प्राचीन कला व परम्परा

हिमाचल: बांस की छड़ें, पेड़ों की टहनियां, घास, खजूर के पत्तों की “बुनाई” में ग्रामीण लोगों की अद्भुत कला

“बुनाई” प्राचीन कला व परम्परा बांस की छड़ें, पेड़ों की टहनियां, घास, खजूर के पत्ते बुनने में प्रयोग बुनने में आज भी ग्रामीण लोगों की अद्भुत कला आज का युग आधुनिकता युग भले ही हो लेकिन आज भी...

हिमाचल के वनस्पतिक पेड़-पौधे, इनकी विविधता व उपयोगिता, लोगों ने परम्परा से खोज निकाले इनके उपयोग के तरीके

हिमाचल के वनस्पतिक पेड़-पौधों की विविधता व उपयोगिता…

औषधीय गुणों से भरपूर है हिमाचल की वनस्पतियां बेशकीमती जड़ी-बूटियों को अपने आंचल में समेटे हिमाचल हिमाचल में उगने वाले जंगली वृक्षों में विविधता है। यहां फलदार वृक्ष व औषधि में प्रयोग में...

हिमाचल के जन-जातीय क्षेत्रों के निवासियों का प्राचीन व्यवसाय भेड़ पालन

हिमाचल: जन-जातीय क्षेत्रों के लोगों का प्राचीन व्यवसाय “भेड़ पालन”

प्रदेश की आर्थिकी में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका हिमाचल के लोगों के आर्थिक जीवन में पशुओं का अति महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि वे कृषि में ही सहायक नहीं बल्कि अन्य हर प्रकार से लोगों के...

आधुनिकता की दौड़ में भी मिट्टी के बर्तनों का अपना महत्व

हिमाचल : आधुनिकता की दौड़ में भी मिट्टी के बर्तनों की अपनी खासियत

आधुनिकता की दौड़ में भी मिट्टी के बर्तनों का अपना महत्व घरों में आज भी मिट्टी के बर्तनों का अपना ही स्थान गांवों में आज भी हाथों से बनाई हुई वस्तुओं को ही प्राथमिकता बदलते परिवेश में भले ही...

हिमाचल में हाथ से बनाए गए पारम्परिक परिधानों की प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश में भी धूम

हिमाचल में हाथ से बनाए गए पारम्परिक परिधानों की प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश में भी धूम

हिमाचली पारम्परिक वस्त्र न केवल प्रदेश में अपितु देश-विदेश में भी लोकप्रिय हिमाचल के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की पहचान वहां का पहरावा जनजातीय जगहों में स्वयं बनाए हुए वस्त्रों को तरजीह...

72 करोड़ की लागत से होगा नाहन जलापूर्ति योजना का निर्माण : मुख्यमंत्री

72 करोड़ की लागत से होगा नाहन जलापूर्ति योजना का निर्माण : मुख्यमंत्री

प्रदेश के नम्बर वाले सभी हल्के वाहनों को टॉल-टेक्स में की जाएगी छूट प्रदान मन्दिरों की आय का 15 फीसदी राज्य में ‘गौ सदनों’ की मुरम्मत व स्थापना पर किया जाएगा खर्च नाहन शहर के लिए करोड़ों की...