हिमाचल विशेष

हिमाचल की बोलियां : चार कोस पर बदले पाणी, आठ कोस पर बदले वाणी

लाहुल-स्पीति की संस्कृति, रहन सहन व धर्म ….

लाहुल-स्पीति में बौद्ध धर्म का इतिहास यहां के लोगों का रहन-सहन और यहां के लोगों का धर्म भारत में भोट बौद्ध संस्कृति को सीमावर्ती बौद्धों ने ही कर रखा है सुरक्षित लाहुल स्पीति, लद्दाख, किन्नौर,...

संकीर्ण और घृणित सोच के चलते क्या और कैसी तरक्की करेगा प्रदेश..!

संकीर्ण और घृणित सोच के चलते क्या और कैसी तरक्की करेगा प्रदेश..!

“बुजुर्ग मां” ही सुरिक्षत नहीं तो विकास की नींव कैसे होगी मजूबत? बुजुर्ग महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करना किसने दिया यह अधिकार? चार दिनपहले मंडी के सरकाघाट में बुजुर्ग महिला के साथ शर्मनाक...

हिमाचल की उत्कृष्ट कलाएं एवं वास्तुकला विश्वभर में विख्यात

हिमाचल की उत्कृष्ट कलाएं एवं वास्तुकला विश्वभर में विख्यात

हिमाचल प्रदेश की प्राचीन कलाएं, मंदिरों के वास्तुशिल्प, लकड़ी पर खुदाई, पत्थरों और धातुओं की मूर्तियां तथा चम्बा रूमालों आदि के रूप में आज भी सुरक्षित है। हिमाचल अपनी सांस्कृतिक विरासत तथा...

आज भी जीवित है लाहौल-स्पीति में बौद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन इतिहास

आज भी जीवित है लाहौल-स्पीति में बौद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन इतिहास

  लाहौल-स्पीति में रीति रिवाजों की अनोखी परम्परा,…. होती है प्रकृति की पूजा देवभूमि हिमाचल जहां अपनी प्राकृतिक छटा चहुं ओर बिखेरे हुए है वहीं प्रदेश का एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल...

हिमाचल की बोलियां : चार कोस पर बदले पाणी, आठ कोस पर बदले वाणी

हिमाचल की बोलियां : चार कोस पर बदले पाणी, आठ कोस पर बदले वाणी

हिमाचल प्रदेश की भाषा-बोलियां पहाड़ी बोलियों के संदर्भ में शौरसेनी का महत्व हिमाचल में कई प्रकार की बोलियाँ बोली जाती हैं। इन बोलियों की अपनी खास विशेषता है। तीन-तीन मील के अन्तर पर भी कई...

बड़ी-बड़ी हस्तियों ने डाला था "डलहौज़ी" में डेरा, रविन्द्रनाथ टैगोर ने यहां ठहर कर लिखे थे कई लेख

बड़ी-बड़ी हस्तियों ने डाला था “डलहौज़ी” में डेरा, रविन्द्रनाथ टैगोर ने यहां ठहर कर लिखे थे कई लेख

महापुरूषों का आगमन डलहौज़ी हिलस्टेशन का नाम लेते ही उन सभी बड़ी-बड़ी हस्तियों के नाम बरबस सामने आ जाते हैं जिन्हें यहां आने व ठहरने का अवसर मिला। उनके यहां आने से 155 वर्ष पुराने डलहौज़ी का...

" शहीदों को शत-शत नमन"......शहीद जवान जब तिरंगे में लिपटा अपने घर के आँगन पहुंचा

” शहीदों को शत-शत नमन”……शहीद जवान जब तिरंगे में लिपटा अपने घर के आँगन पहुंचा

 मेरी ओर से है चंद पंक्तियां श्रद्धांजलि स्वरूप उन शहीदों के लिए जो देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए… “शहीद जवान जब तिरंगे में लिपटा अपने घर के आँगन पहुंचा, ताबूत में सोये बेटे से मां...