हिम धरोहर व इतिहास

कुल्लू : 19 अक्तबूर से शुरू होगा अन्तर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा

देवी-देवताओं के महासंगम का गवाह : कुल्लू दशहरा

कुल्लू के दशहरे का अपना इतिहास, पृष्ठभूमि व सांस्कृतिक परम्परा कुल्लू में दशहरे का शुभारंभ 17वीं शताब्दी में हुआ देश भर में मनाया जाने वाला दशहरा पर्व जहां आसुरी शक्तियों पर दैवी शक्तियों की...

शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं के आंचल में बसा, स्वर्ण कलशों से सुसज्जित मंदिर “माँ चिंतपूर्णी”

शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं के आंचल में बसा, स्वर्ण कलशों से सुसज्जित मंदिर “माँ चिंतपूर्णी”

त्रिर्गत के तीन शक्तिपीठों में ज्वालाजी, वज्रेश्वरी और चिंतपूर्णी उल्लेखनीय शक्तिपीठ पहला स्थान माता वैष्णों देवी को दिया जाता है, जो जम्मू-कश्मीर में पड़ता है स्वर्ण कलशों से सजा...

पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान किया था मसरूर मंदिर का निर्माण

चट्टानों पर बना विशाल मन्दिर “मसरूर”

हमारी धरोहर हमारी गौरवशाली परम्परा का प्रतीक पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान किया था मसरूर मंदिर निर्माण सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा करना हम सब का नैतिक कर्तव्य सांस्कृतिक धरोहर के...

आज भी जीवित है लाहौल-स्पीति में बौद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन इतिहास

आज भी जीवित है लाहौल-स्पीति में बौद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन इतिहास

  लाहौल-स्पीति में रीति रिवाजों की अनोखी परम्परा,…. होती है प्रकृति की पूजा देवभूमि हिमाचल जहां अपनी प्राकृतिक छटा चहुं ओर बिखेरे हुए है वहीं प्रदेश का एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल...

पुरानी पहाड़ी रियासत के आपसी संबंध और सीमा विवाद "बुशैहर"

पुरानी पहाड़ी रियासत के आपसी संबंध और सीमा विवाद “बुशैहर”

शिमला की पहाड़ी रियासतों में सबसे बड़ी रियासत बुशैहर ”बशहर”   हिमाचल प्रदेश का अपना प्राचीन इतिहास रहा है। वहीं अगर पुरानी पहाड़ी रियासतों  के आपसी संबंध और सीमा विवाद की बात की जाए तो वो...

हिमाचल की उत्कृष्ट कलाएं एवं वास्तुकला विश्वभर में विख्यात

हिमाचल की उत्कृष्ट कलाएं एवं वास्तुकला विश्वभर में विख्यात

हिमाचल प्रदेश की प्राचीन कलाएं, मंदिरों के वास्तुशिल्प, लकड़ी पर खुदाई, पत्थरों और धातुओं की मूर्तियां तथा चम्बा रूमालों आदि के रूप में आज भी सुरक्षित है। हिमाचल अपनी सांस्कृतिक विरासत तथा...

प्रारंभ में एक छोटा सा गांव था "शिमला"

कभी एक छोटा सा गांव था “शिमला”

शिमला हिल स्टेट्स ‘श्यामला’ से लिया गया शिमला का नाम 1808-1809 ई. में सिक्खों और गोरखों की लड़ाई के बाद शिमला से जुड़ा अंग्रेजों का संबंध “शिमला” न केवल हिमाचल की राजधानी है अपितु भारत की शान भी है...