हिम धरोहर व इतिहास

चम्बा के जनजातीय क्षेत्र : चम्बा से भरमौर तक शिवपुरी

चम्बा से भरमौर तक शिवपुरी…..

चम्बा से भरमौर तक के क्षेत्र को शिवपुरी कहा गया है। चम्बा के तीस किलोमीटर आगे रावी के दाएं किनारे गूं कोठी के शिव मंदिर के शिलालेख (मेरुवर्मन 680 ई.) में इस मंदिर को शिवपुरी के मध्य स्थित माना है।...

हिन्दू इतिहास की कई कहानियां अपने में समेटे हुए है कांगड़ा किला

इतिहास की कई कहानियां अपने में समेटे हुए “कांगड़ा किला”

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घाटी में स्थित कांगड़ा किला और कांगड़ा राज्य की सीमाओं के नजदीक सुजानपुर किला अपनी ख़ास अहमियत लिए हुए है। कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का ऐतिहासिक नगर व जिला है। प्राचीन...

स्वयं में इतिहास समेटे हुए जहां का लोकतंत्र, विश्व का एकमात्र कुल्लू का “मलाणा” गांव

स्वयं में इतिहास समेटे हुए जहां का लोकतंत्र, विश्व का एकमात्र कुल्लू का “मलाणा” गांव

भारत वर्ष में प्राचीन काल से ही जनतंत्रीय प्रणाली रही है। राजा पर भी जनता का अंकुश होता था। पंचायत तंत्र अति प्राचीन है। इसका एक अन्य रूप बरादरी पंचायत है जो बरादरी का नियमन करती है। पंचायत...

वशिष्ठ- पुरानी कुल्लुई काठकुणी शैली के हैं सभी मकान

हिमाचल की पौराणिक स्मृतियों को संजोए महर्षि वशिष्ठ का तपस्या स्थल “वशिष्ठ”

हिमाचल प्रदेश के मनाली से करीब चार किलोमीटर दूर लेह राजमार्ग पर स्थित है वशिष्ठ। एक ऐसा गांव जो अपने दामन में पौराणिक स्मृतियां छुपाये हुए है। महर्षि वशिष्ठ ने इसी स्थान पर बैठकर तपस्या की...

हिमाचल की ऐतिहासिक धरोहर की अनमोल विरासत "वायसरीगल लॉज"

हिमाचल की ऐतिहासिक धरोहर की अनमोल विरासत “वायसरीगल लॉज”

यहीं हुआ था 1972 का ‘शिमला समझौता’ वायसरीगल लॉज ऐतिहासिक घटनाओं एवं नैसर्गिक श्रृंगार के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध इस ऐतिहासिक भवन को स्वतन्त्रता से पूर्व भारत के वायसराय व गवर्नर जनरल लार्ड...

हिमाचल के सबसे दूर-दराज "डोडरा-क्वार" का इतिहास,संस्कृति व पर्यटन

“डोडरा-क्वार” अपने इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए विख्यात

डोडरा-क्वार की सांस्कृतिक यात्रा खेत-खलियान और बड़े बड़े हरे पेड़ पौधों में अपनेपन का एहसास हिमाचल अपने सौंदर्य, इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए अपनी विश्वभर में शानदार पहचान बनाए हुए है। ये...

सराहन में गिरा था सती का कान, जिससे प्रकट हुईं “माता भीमाकाली”

सराहन में गिरा था सती का कान, जिससे प्रकट हुईं “माता भीमाकाली”

प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सराहन : लेखक : डॉ. सूरत ठाकुर मार्कण्डेय पुराण में “माता भीमाकाली” वर्णन मार्कण्डेय पुराण में वर्णन : राक्षसों के विनाश के लिए मैं हिमाचल भूमि में भीम रूप में...