हिम धरोहर व इतिहास

प्रारंभ में एक छोटा सा गांव था "शिमला"

“शिमला” जो था कभी एक छोटा सा गांव…

शिमला हिल स्टेट्स ‘श्यामला’ से लिया गया शिमला का नाम 1808-1809 ई. में सिक्खों और गोरखों की लड़ाई के बाद शिमला से जुड़ा अंग्रेजों का संबंध “शिमला” न केवल हिमाचल की राजधानी है अपितु भारत की शान भी है...

स्वयं में इतिहास समेटे हुए जहां का लोकतंत्र, विश्व का एकमात्र कुल्लू का “मलाणा” गांव

स्वयं में इतिहास समेटे हुए जहां का लोकतंत्र, विश्व का एकमात्र कुल्लू का “मलाणा” गांव

भारत वर्ष में प्राचीन काल से ही जनतंत्रीय प्रणाली रही है। राजा पर भी जनता का अंकुश होता था। पंचायत तंत्र अति प्राचीन है। इसका एक अन्य रूप बरादरी पंचायत है जो बरादरी का नियमन करती है। पंचायत...

हिमाचल प्रदेश के पैगोड़ा शैली में बने मंदिर

हिमाचल के मण्डी, कुल्लू, किन्नौर, शिमला के पर्वतीय क्षेत्रों में पैगोड़ा शैली के कई “मंदिर”

हिमाचल  के पैगोड़ा शैली में बने मंदिर हिमाचल प्रदेश के मण्डी, कुल्लू, किन्नौर, शिमला के पर्वतीय क्षेत्रों में पैगोड़ा शैली के असंख्य मंदिर हैं। राजा बाणसेन द्वारा 1346 में निर्मित मण्डी का...

महाभारत के इतिहास से जुड़ा खेल, नृत्य व नाट्य का सम्मिश्रण ठोडा

महाभारत के इतिहास से जुड़ा “ठोडा” खेल

कौरवों व पांडवों की यादें पर्वतीय क्षेत्रों में अभी तक रची-बसी दुनिया में तीरंदाजी की कितनी ही शैलियां हैं मगर हिमाचल व उत्तराखंड की पर्वतावलियों के बाशिंदों की यह तीरकमानी अद्भुत व निराली...

हिन्दू इतिहास की कई कहानियां अपने में समेटे हुए है कांगड़ा किला

इतिहास की कई कहानियां अपने में समेटे हुए “कांगड़ा किला”

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घाटी में स्थित कांगड़ा किला और कांगड़ा राज्य की सीमाओं के नजदीक सुजानपुर किला अपनी ख़ास अहमियत लिए हुए है। कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का ऐतिहासिक नगर व जिला है। प्राचीन...

"शिमला" के दर्शनीय स्थल

“शिमला” के खूबसूरत पर्यटक स्थल….

“मालरोड़ शिमला”  लंदन के मालरोड़ से कम नहीं शिमला जहाँ खूबसूरती हरी वादियों से जाना जाता है वहीं इसकी गोद में शिमला की कई अनमोल धरोहरें व विरासतों की खुबसूरती भी “शिमला” के दर्शनीय...

हिमाचल : पर्यटन को विकसित करने के लिए 1900 करोड़ स्वीकृत, स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

हिमाचल: ऐतिहासिक, पारम्परिक व सांस्कृतिक पहचान दर्शाती चौपाल की “वेशभूषा”

देश की बात हो या प्रदेश की उसकी जीवन शैली की पहचान वहां के रहने वाले लोगों, वेशभूषा, खानपान व आभूषणों से होती है। हांलाकि काफी समय से हमारे कई पारम्परिक परिधान और आभूषण लुप्त होते जा रहे हैं।...